कविता :- शोहरत (The Vogue)  

चला चल चला चल 

रोके गा तुज्हे हर एक पल 

चला चल चला चल

बड़ा चल बड़ा चल 
दुनिया से अल्लग जो सोचे 

हर व्यक्ति उसे आलोचे 

साहस रख कर उड़ा चल 

चला चल चला चल 

बड़ा चल बड़ा चल 
फिर एक वक़्त ऐसा आऐगा 

पैसा तुझे रुलाऐगा 

विशव तुझे ठुकराऐगा 

मेहनत पर भरोसा कर

चला चल चला चल

बड़ा चल बड़ा चल 
जब मेहनत तरक़्क़ी दिलाएगी 

दुनीया फिर से अपनाएगी 

याद रखना वे (पुराने) कषटय पल 

पैर रखना जमी पे, हाथ आकाश पर

चला चल चला चल

बड़ा चल बड़ा चल 

©GrayySingh 

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